ExamPlay Light Logo
Logg på

JEE MAIN - Physics Hindi (2016 (Offline) - No. 24)

एक भारोत्तोलक भार को पहले ऊपर और फिर नीचे तक लाता है। यह माना जाता है कि सिर्फ भार को ऊपर ले जाने में कार्य होता है और नीचे लाने में स्थितिज ऊर्जा का ह्रास होता है। शरीर की वसा ऊर्जा देती है जो यांत्रिकीय ऊर्जा में बदलती है। मान लें कि वसा द्वारा दी गई ऊर्जा $$3.8 \times 10^{7} \mathrm{~J}$$ प्रति $$\mathrm{kg}$$ भार है, तथा इसका मात्र $$20 \%$$ यांत्रिकीय ऊर्जा में बदलता है। अब यदि एक भारोत्तोलक $$10 \mathrm{~kg}$$ के भार को $$1000$$ बार $$1 \mathrm{~m}$$ की ऊँचाई तक ऊपर और नीचे करता है तब उसके शरीर से वसा का क्षय है : ($$g=9.8 \mathrm{~ms}^{-2}$$ लें)
$$9.89 \times {10^{ - 3}}\,\,kg$$
$$12.89 \times {10^{ - 3}}\,kg$$
$$2.45 \times {10^{ - 3}}\,\,kg$$
$$6.45 \times {10^{ - 3}}\,\,kg$$

Kommentarer (0)

Logg inn for å kommentere
Annonse
BrainBehindX Inc Logo
©2026; Drevet av BrainBehindX Inc